∆एक तमन्ना थी कि ज़िंदगी रंग बिरंगी हो
और दस्तूर देखिये जितने मिले गिरगिट ही मिले !!*
∆ इश्क़ ब्याज नहीं मागता जनाब..
बस वफा से कीमत चुकानी पड़ती है..
∆नोट की जगह दोस्त इक्कठे किये हमने..*
∆इसलिए पुराने आज भी चल रहे है!!*
∆मंज़िलों से ग़ुमराह भी कर देते हैं कुछ लोग।।।_*
हर किसी से रास्ता पूछना अच्छा नहीं होता।।।_*
∆था यक़ीन मुझे, कि तुम याद बहुत आओगी
लेकिन ये नहीं मालूम था, कि इतना सताओगी*
∆कांच तो यूँ ही बदनाम हैं
बङी शिद्दत से तो दिल टूटा करते हैं।
∆नफ़रत करना तो कभी सिखा ही नहीं* *
साहेब हमने दर्द को भी चाहा है अपना समझ कर..
और दस्तूर देखिये जितने मिले गिरगिट ही मिले !!*
∆ इश्क़ ब्याज नहीं मागता जनाब..
बस वफा से कीमत चुकानी पड़ती है..
∆नोट की जगह दोस्त इक्कठे किये हमने..*
∆इसलिए पुराने आज भी चल रहे है!!*
∆मंज़िलों से ग़ुमराह भी कर देते हैं कुछ लोग।।।_*
हर किसी से रास्ता पूछना अच्छा नहीं होता।।।_*
∆था यक़ीन मुझे, कि तुम याद बहुत आओगी
लेकिन ये नहीं मालूम था, कि इतना सताओगी*
∆कांच तो यूँ ही बदनाम हैं
बङी शिद्दत से तो दिल टूटा करते हैं।
∆नफ़रत करना तो कभी सिखा ही नहीं* *
साहेब हमने दर्द को भी चाहा है अपना समझ कर..
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