∆पास आकर सब दूर चले जाते हैं,
अकेले थे हम, अकेले ही रह जाते हैं,
इस दिल का दर्द दिखाएँ किसे,
मल्हम लगाने वाले ही जख्म दे जाते हैं।
∆प्यार था और रहेगा भी..लेकिन बस अब बार बार टूटने की हिम्मत खत्म हो गयी है डर में नही जी सकते के कब कौन बीच रास्ते साथ छोड़ जाए अकेले का सफर कठिन है जानती हूँ पर किसी के साथ रहकर भी तन्हा महसूस करना ज़्यादा बुरा लगता है
∆प्यार से प्यारी कोई मजबूरी नहीं होती कमी अपनों की कभी पुरी नहीं होती दिलों का जुदा होना एक अलग बात हैं. नजरों से जुदा होना कोई दुरी नहीं होती…”
∆बहुत ज्यादा जुल्म करती हैं तुम्हारी यादे,
सो जाऊ तो जगा देती हैं, उठ जाऊ तो रुला देती हैं...!
∆ हमारे _पास तो बस #तेरी _यादें है,
#ज़िन्दगी तो उसे #मुबारक हो जिसके #पास तू है !!
∆ परछाई से पूछ ही लिया मैंने,
क्यों चलते हो साथ मेरे,
साफ़ कह दिया उसने हंसके,
और कोई है साथ तेरे।
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